अविसद पूर्णतया साहित्य को समर्पित है। साहित्य-रचना-संसार के प्रमुख कवियों की रचनाओं का सहज साक्षात्कार यहाँ उपलब्ध है। साहित्य-प्रेमी सरलता से साहित्य-जगत का आलोडन-विलोडन कर सकें इसी परिप्रेक्ष्य में इस पटल को सुनियोजित किया गया है। सोशल नेटवर्किंग के फेसबुक प्लेटफॉर्म पर अविसद कई वर्षों से सक्रिय रूप से साहित्यानुरागियों को प्रचुर साहित्य-सामग्री उपलब्ध करा रहा है। श्रेष्ठ लेखकों को पढ़ने, समझने और नवोदितों को प्रोत्साहित करने का यह एक माध्यम है ताकि वे बेहतर लिख सकें और भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में अपना योगदान सुनिश्चित कर सकें।
इस वेबसाइट को निर्मित करने का उद्देश्य नवोदित रचनाकारों को उनकी रुचि पर कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करना है। आज के समय में बहुत-सी रचनाएँ जो उत्तम पटल पाने के योग्य हैं, बस नवोदित व कोई पूर्व उपलब्धि न होने के कारण अप्रकाशित रह जाती हैं, जिससे एक उत्तम रचनाकार पल्लवित होने से पूर्ण ही विनष्ट हो जाता है। साहित्य का स्तर व्यक्ति/उपलब्धि विशेष न होकर रचना विशेष हो, इसपर हमारी टीम कार्यरत है। हम उन सभी की रचनाओं व लेखों को आमंत्रित करते हैं जो आगे लेखन में अपनी छवि निर्मित करना चाहते हैं। लेखन की शैली व विषय कोई भी हो, परंतु वह किसी धर्म, जाति, लिंग व समुदाय की निंदा व अवहेलना करने वाली नहीं होनी चाहिए, रचनाएँ ऐसी भी न हो जो समाज को एक उत्तम संदेश न दे सके और साहित्य की परिपाटी को कलंकित करती हो।
अंततः यह कहना आवश्यक है कि यह वेबसाइट कुछ साहित्य अनुरागियों द्वारा संचालित है, जो स्वयं पठन व लेखन में कार्यरत हैं। हो सकता है आप अविसद के शाब्दिक अर्थ से परिचित ना हों इसपर हम कहना चाहते हैं कि इस शब्द की उत्पत्ति का श्रेय भी हमारी टीम को जाता है। हिन्दी में इसका कोई स्पष्ट अर्थ न मिल पाना विचारणीय है। परन्तु संयोगवश यह शब्द स्पेनिश शब्द(avisad) से मेल खाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'घोषित करना'। अभी हम अविसद का शाब्दिक अर्थ यही रहने देना चाहते हैं जब तक कि हिन्दी में इसका कोई स्पष्ट अर्थ नहीं मिल जाता।
हम भविष्य में और भी बेहतर करने के लिए प्रयासरत हैं जिसमें आपका सहयोग व सुझाव आपेक्षित है। जल्द ही अविसद ई-पत्रिका आप सभी के समक्ष होगी।
: हार्दिक आभार व शुभकामनाएँ
: टीम अविसद🌸

